Categories
literature poetry SHORT STORIES writing

बोगेनवेलिया और देवदार का प्यार

हां ! वो महज़ एक टूटा हुआ दरख़्त(पेड़) ही तो था जिसे बेइंतहा प्यार दिया गया और सराहा गया, मैं परेशान थी कि उसके जाने के बाद हम वो उमंग और लगाव वापस नहीं पा सकेंगे… उस दिन लोगों ने ही नहीं बल्कि आसमां ने भी देवदार से लिपटे इस बोगेनवेलिया के लिए कम आंसू नहीं बहाए… बारिश हो रही थी और ऐसा लग रहा था कि बारिश की बूंदों ने एक इंसान को जला डाला…और इस चिता में मेरे शहर में सालों से खड़ा हर किसी को अपना सा लगने वाला वो दरख़्त हमेशा के लिए चिर निद्रा में सो गया… हम पूरी तरह से टूट चुके थे… हम सब बेहद दर्द में थे, लेकिन शायद ये एक नई शुरुआत थी…

बोगेनवेलिया और देवदार का ये प्यार मेरे शहर में बेहद ख़ास और इज्ज़तदार रहा था. देवदार का एक दरख़्त जो अपने प्रेमी बोगेनवेलिया के प्यार से सजा हुआ था. मेरा ये कहना शायद बहुत अधिक लगे कि यह एक ऐसा अहसास था जो इबादत से भी परे का था.तो एक दिन मैंने कुछ लोगों को वहां तसवीरें लेते हुए देखा, इसलिए मेरे दोस्तों ने उनसे पूछा कि कौन सा पेड़ है?

वे मुस्कुराएं और कहा ” यह बोगेनवेलिया का पेड़ है” ये सोचते हुए की हम केवल घुम्मकड़ हैं और हम इस दरख़्त के प्यार से अनजान हैं. मैं उनकी जानकारी दुरुस्त करना चाहती थी लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया. जैसे मेरे लिए ” राधा कृष्ण” का एक-दूसरे-अलग होने का कोई मतलब नहीं था, क्योंकि वो एक होकर ही एक-दूसरे के थे अलग होकर नहीं. मेरी रूह को उनसे एक भी लफ्ज़ कहने में यकीन नहीं था. मैंने कहा “एन्जॉय” मैं देख सकती थी कि उनकी तरफ से किस तरह के आवेग आ रहे हैं, ओह ख़ुदा कि बगैर अपना ज्ञान बघारे मैं वहाँ से चली आई.

वे ख़ूबसूरती से बंधे हुए और सँजोए हुए थे.उनका एक -एक कतरा प्यार और चाहत का शोर मचाता था. मैं कामना करती की शहर का ये प्यार हमेशा ऐसा ही बना रहे और हर एक इस अहसास को सजोएं रखे.

लेकिन, साथ होना भी एक कल्पना है, मेरे ख़ुदाया

कहते हैं न कि बगैर दुख के प्रेम शास्वत नहीं होता है,हालांकि ये भी एक सच है. एक अंधेरी तूफ़ानी रात में, जब आकाश अच्छी मनोदशा में नहीं था. एक विरली प्रेम कहानी अविश्वसनीय ख़राब तरीके से एक सुंदर अंत को प्राप्त हो गई.

यह बताने के लिए कि “एक साथ” रहना क्या होता है वे साथ-साथ आए था. ये मेरी बदकिस्मती है कि मैं उनकी एक झलक भी नहीं ले सकें, क्योंकि वे हमें बरसात के दिन अलविदा कह गए.इसके अलावा, मौसम और मूसलाधार बारिश ने उन्हें मार डाला, फ़िर भी शहर का हर एक शख़्स इस दुखद घटना का गवाह बनने उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए वहाँ गया.

और हम बगैर किसी उम्मीद के दुख के साथ पीछे छूटे रह गए.हमने इसे टुकड़ों में कटते हुए देखा. हमने करीब से देखा और देखा कि ये टुकड़ें सोने के टुकड़े की तरह थे. सोना जिसे हम अपने घरों में हजारों वर्षों तक सहेजते हैं. कुछ भी नहीं बचा रह गया था, लेकिन एक तकलीफ थी जैसे उस एक ख़ौफ़नाक सुबह हमारी जिंदगियां भी ख़त्म हो गईं थी.

कुछ महीने बाद, मैंने एक नई शुरुआत देखी उस बंजर जगह में एक पौधे बढ़ रहा था। मेरी खुशी ठिकाना नहीं रहा, मेरा जोश आकाश छू रहा था, जो हमारे प्यारे बोगनवेलिया को ले गया. वही उनकी वापसी में झूम रहा था शायद. यहां पर आकाश से मेरा मतलब भगवान से है. मेरे शरीर का पोर- पोर उस सर्वशक्तिमान की भक्ति और प्रेम की सिहरन में उठ खड़ा हुआ. भावनायें जागने लगी, फिर से अच्छे संयोगों का अहसास हुआ. आंसु जिन्होंने मुझे विश्वास दिलाया कि यह सब एक नई और अच्छी शुरुआत के संकेत हैं.

देवदार का दरख़्त हमेशा के लिए हमारे दिल में रहेगा, वैसे ही बोगेनवेलिया का वो पौधा भी. एक प्रेम कहानी उस दिन खत्म हो गई थी, लेकिन किसने सोचा था कि यह एक नई शुरुआत के लिए फ़िर से जन्म लेने के लिए आएगी. एक ऐसी कहानी जिसे हमने जिया था, एक कहानी जो ख़त्म होने के लिए नहीं जन्मी थी.

हो सकता है, हमारी भविष्य की पीढ़ी एक और प्रेम कहानी को संजोएं, प्यार करे और उसकी गवाह बने. तब तक हम अपने दिल के भीतर उन अहम और प्यारी यादों को संजो कर रखते हैं. उन बैंगनी सुंदर फूलों को हमारे लिए प्यार का रंग होना चाहिए. अपने दिल की गहराईयों से हम ये जानते हैं कि यह वो प्यार नहीं था जो केवल पेड़ और पौधे के भीतर प्रबल था, लेकिन यह हमारे भीतर भी उतनी ही तीव्रता से शामिल है.

रिया साह

2 replies on “बोगेनवेलिया और देवदार का प्यार”

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s